Humvatan

Category : ओपिनियन

Opinion

ओपिनियन

पर्यावरण हुआ कितना प्रदूषित 

Humvatan
प्राकृतिक पर्यावरण हुआ कितना प्रदूषित, मनुष्य करते प्रकृति से छेड़छाड़ अनुचित, तीव्र तापमान से जल रहे धूॅं धूॅं कर जंगल, कॉंटे जा रहे हैं मनमानी...
ओपिनियन

सपनों का आकाश

Humvatan
मनुष्य का जीवन केवल यथार्थ की कठोर जमीन पर नहीं चलता, वह सपनों के आकाश में भी उड़ान भरता है। यही सपने हमारे भीतर आशा...
ओपिनियन

कागज पर हरा, लेकिन कितना स्वस्थ? भारत में वन डेटा पर पुनर्विचार

Humvatan
भारत अक्सर राष्ट्रीय और वैश्विक रिपोर्टों में उत्साहवर्धक आंकड़ों का हवाला देते हुए अपने बढ़ते वन क्षेत्र का जश्न मनाता है। जंगलों और पेड़ों के...
ओपिनियनदेश

विधानसभा चुनाव: लोकतंत्र का महापर्व और बदलती राजनीतिक दिशा

Humvatan
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाला एक महापर्व...
ओपिनियन

महिला सुरक्षा संस्थाओं का पतन

Humvatan
— डॉ. सत्यवान सौरभ महाराष्ट्र महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रूपाली चाकणकर द्वारा एक बलात्कार आरोपी ज्योतिषी अशोक खरात उर्फ कैप्टन के पैर धोने का...
ओपिनियन

अंकों में सिमटी प्रतिभा की कसौटी

Humvatan
-डॉ विजय गर्ग आज का शिक्षा तंत्र एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ विद्यार्थियों की प्रतिभा को अक्सर केवल अंकों की तराज़ू पर तौला...