Humvatan

Tag : pollution poem for website

ओपिनियन

पर्यावरण हुआ कितना प्रदूषित 

Humvatan
प्राकृतिक पर्यावरण हुआ कितना प्रदूषित, मनुष्य करते प्रकृति से छेड़छाड़ अनुचित, तीव्र तापमान से जल रहे धूॅं धूॅं कर जंगल, कॉंटे जा रहे हैं मनमानी...