देवघर। जिले के सारठ थाना और सारवां थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध आरा मिलों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कर लकड़ी की चिराई की जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है बल्कि सरकारी नियमों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सारठ थाना क्षेत्र के नागड़ों गांव में दिलीप राणा और बद्री राणा के घर में अवैध आरा मिल संचालित हो रहा है।
जहां घर के अंदर ही लाखों रुपये मूल्य की लकड़ियां रखी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में वाहनों के माध्यम से लकड़ी लाई जाती है और मिल में उसकी चिराई की जाती है।
वहीं सारवां थाना क्षेत्र में सारवां से मंझलाडीह गांव के बीच मिथुन कुमार नामक व्यक्ति द्वारा चारदीवारी के अंदर अवैध आरा मिल चलाया जा रहा है, जहां बड़ी मात्रा में लकड़ी की चिराई की जा रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध आरा मिलों का संचालन होने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बड़े पैमाने पर लकड़ियां लाकर इन मिलों में चिराई की जाती है। कई बार इसकी शिकायत वन विभाग और प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि इसी तरह अवैध आरा मिलों का संचालन जारी रहा तो क्षेत्र की हरियाली तेजी से समाप्त हो जाएगी और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अवैध आरा मिलों के खिलाफ तत्काल छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाए और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
